सूचना विषमता
इसे यह भी कहते हैं: असममित सूचना, प्रतिकूल चयन, नींबुओं का बाज़ार
सूचना विषमता तब होती है जब सौदे के एक पक्ष को दूसरे से ज़्यादा पता हो। इससे प्रतिकूल चयन हो सकता है, जिसमें ख़राब उत्पाद या जोखिम अच्छों को बाहर कर देते हैं।
पुरानी कारों पर जॉर्ज एकरलॉफ़ के 1970 के लेख "द मार्केट फ़ॉर लेमन्स" ने दिखाया कि जो ख़रीदार अच्छी और ख़राब कार में फ़र्क़ नहीं कर पाते वे कम बोली लगाते हैं, जिससे अच्छी कारें बाज़ार से बाहर हो जाती हैं।
संबंधित शब्द
- नैतिक जोखिम (मॉरल हैज़र्ड): नैतिक जोखिम वह प्रवृत्ति है जिसमें लोग ज़्यादा जोखिम लेते हैं जब चीज़ें बिगड़ने पर क़ीमत कोई और चुकाता है, जैसे बेलआउट की उम्मीद रखने वाला बैंक या पूरा बीमा वाला चालक।
- बाज़ार विफलता: बाज़ार विफलता तब होती है जब खुला बाज़ार अपने आप कुशल नतीजा नहीं देता।
- कुशल बाज़ार परिकल्पना: कुशल बाज़ार परिकल्पना कहती है कि शेयर की कीमतों में पहले से सारी उपलब्ध जानकारी शामिल होती है, इसलिए कोई किस्मत या ज़्यादा जोखिम के बिना लगातार बाज़ार को नहीं हरा सकता।
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